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सम्राट् विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में छह दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 6 मार्च से; साहित्य, भाषा, विज्ञान और संस्कृति पर होगा वैचारिक मंथन

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उज्जैन। सम्राट् विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन की हिंदी अध्ययनशाला द्वारा पीएम उषा योजना के अंतर्गत एक भव्य 6 दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 6, 7, 9, 10, 11 एवं 12 मार्च 2026 को विश्वविद्यालय परिसर में वाग्देवी भवन  स्थित 'राष्ट्रभाषा सभागार' में संपन्न होगा। साहित्य, आलोचना, भाषा और तकनीक के समन्वय पर आधारित इस संगोष्ठी में देशभर के विद्वान अपने विचार साझा करेंगे। विविध विषयों पर केंद्रित सत्र संगोष्ठी के मुख्य समन्वयक, विभागाध्यक्ष एवं कुलानुशासक प्रो. शैलेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि आयोजन के प्रत्येक दिन अलग-अलग महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। राष्ट्रभाषा सभागार, वाग्देवी भवन, हिंदी अध्ययनशाला, उज्जैन में प्रतिदिन प्रातः 10:30 से सायं 5:00 बजे तक आयोजित संगोष्ठी सत्रों के विषय हैं- 6 मार्च: आलोचना का स्वरूप, प्रमुख प्रवृत्तियाँ और आलोचक। 7 मार्च: हिंदी आलोचना की विविध धाराएँ एवं उनका योगदान। 9 मार्च: भारत में शब्दकोशों की परंपरा और शब्दावली में परिवर्तन। 10 मार्च: वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली एवं हिंदी में विज्ञान लेखन की नवीन संभावनाए...

मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का समापन, सत्र की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित

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🙏 द्वारा, राधेश्याम चौऋषिया 🙏  भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र फरवरी-मार्च 2026 के समापन अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष माननीय श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि, सोलहवीं विधान सभा के नवम् सत्र में कुल 10 बैठकें आयोजित हुईं, जिनमें विधायी, वित्तीय तथा लोक महत्व के अनेक महत्वपूर्ण कार्य सम्पन्न हुए। इस सत्र में सदन ने अनेक लोक महत्त्व के विषयों पर प्रश्नों एवं ध्यानाकर्षण सूचनाओं के माध्यम से सार्थक चर्चा की। जहाँ प्रश्नों के माध्यम से माननीय सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु सरकार का ध्यान आकृष्ट किया, वहीं ध्यानाकर्षण के माध्यम से शासन एवं प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, संवेदनशील एवं उत्तरदायी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। इस सत्र के महत्वपूर्ण ध्यानाकर्षणों में गौ-संरक्षण के विषय को प्रमुखता से उठाया गया तथा सरकार द्वारा प्रदेश में संचालित एवं निर्माणाधीन गौशालाओं की विस्तृत जानकारी सदन को दी गई। इसके अतिरिक्त प्रदेश में आवारा श्वानों द्वारा नागरिकों को काटे जाने की घटनाओं पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई, ज...

वास्तु विज्ञान और आधुनिक इंटीरियर डिज़ाइन : संतुलित जीवन की दिशा

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- काशवी जैन, इंटीरियर डिज़ाइनर Dreams Kreation Studio, Ujjain भारतीय वास्तु विज्ञान एक प्राचीन लेकिन आज भी प्रासंगिक विज्ञान है, जो मनुष्य और उसके रहने-काम करने के स्थान के बीच संतुलन स्थापित करता है। यह विज्ञान पंचतत्व—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—तथा दिशाओं के प्रभाव पर आधारित है। बदलती जीवनशैली और आधुनिक आवासीय संरचनाओं के बीच, वास्तु और आधुनिक इंटीरियर डिज़ाइन का समन्वय आज एक आवश्यकता बनता जा रहा है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की हर दिशा का अलग महत्व होता है। सही दिशा में प्रकाश, वेंटिलेशन और स्थान नियोजन से ऊर्जा का प्रवाह सकारात्मक बना रहता है। आधुनिक इंटीरियर डिज़ाइन में जब इन सिद्धांतों को ध्यान में रखकर लेआउट तैयार किया जाता है, तो घर अधिक व्यवस्थित और आरामदायक बनता है। मुख्य द्वार को घर का ऊर्जा प्रवेश द्वार माना जाता है। पर्याप्त रोशनी, साफ़-सुथरा वातावरण और सरल डिज़ाइन सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। लिविंग रूम में हल्के रंग, संतुलित फर्नीचर और खुला लेआउट सामाजिक और पारिवारिक सामंजस्य को बढ़ावा देता है। रसोईघर में अग्नि तत्व का विशेष स्थान होता है। स्वच्छता, सही वेंटिले...

धन्वन्तरि आयुर्वेद चिकित्सालय में "स्वर्णप्राशन कार्यक्रम" 28 फरवरी को होगा आयोजित

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उज्जैन। शासकीय धन्वन्तरि आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य / अधीक्षक डॉ. ओ.पी. व्यास ने बताया कि चिकित्सालय के शिशु एवं बालरोग विभाग के अंतर्गत 28 फरवरी-2026 शनिवार को जन्म से लेकर 10 वर्ष तक के बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया जाएगा। बाल रोग चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. गीता जाटव ने बताया कि शिशु के बुद्धि व बलवर्धन तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिये एवं बार-बार होने वाले संक्रामक रोगों से बचाव के लिए अपने बच्चों का स्वर्णप्राशन अवश्य करावें। प्रत्येक बालक / बालिका का रजिस्ट्रेशन शुल्क रू. 100/-निर्धारित है। आयुर्वेद के ग्रन्थों में बच्चो के स्वास्थ्य संवर्धन के लिये स्वर्णप्राशन का अत्यधिक महत्व बताया गया है। उक्त जानकारी प्रभारी प्रधानाचार्य / अधीक्षक डॉ. ओ.पी. व्यास तथा मीडिया प्रभारी डॉ. प्रकाश जोशी ने दी।

Renaissance Law College, Indore के विधि संकाय के विद्यार्थियों का म.प्र. मानव अधिकार आयोग कार्यालय में अध्ययन-भ्रमण

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🙏 द्वारा, राधेश्याम चौऋषिया 🙏  भोपाल। मध्‍यप्रदेश मानव अधिकार आयोग कार्यालय में  Renaissance Law College, Indore के 34 विद्यार्थियों एवं 03 फैक्‍ल्‍टी मेंबर का आयोग कार्यालय में 26 फरवरी, 2026 (गुरुवार) को अध्ययन-भ्रमण संपन्न हुआ। कार्यक्रम में माननीय अध्यक्ष डॉ. श्री अवधेश प्रताप सिंह, उप पुलिस महानिरीक्षक श्री मुकेश कुमार श्रीवास्तव (आई.पी.एस.), रजिस्ट्रार (लॉ) श्री संदीप कुमार श्रीवास्तव (उच्च न्यायिक सेवा), उप सचिव श्री डी. एस. परमार (उच्च न्यायिक सेवा) एवं आयोग के अधिकारीगण उपस्थित रहें। आयोग के सभाकक्ष में उपस्थित विद्यार्थियों को माननीय अध्यक्ष डॉ. सिंह ने संबोधित कर मानव अधिकार एवं आयोग की कार्यप्रणाली के बारे में अवगत कराया। इस दौरान विद्यार्थियों ने आयोग की कार्यप्रणाली के संबंध में अपनी-अपनी जिज्ञासाऐं व्यक्त कि जिन्‍हें माननीय अध्यक्ष महोदय एवं रजिस्ट्रार लॉ द्वारा समझाया गया।  कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का भ्रमण एवं उनकी कार्यवाही के संबंध में श्री संजय कुमार विश्‍वकर्मा  (शोध अधिकारी) द्वारा जानकारी दी गई। भ्रमण के दौरान ...

वाणिज्य अध्ययनशाला में 'कैरियर अपॉर्च्युनिटी इन एविएशन' पर विशेष कार्यशाला

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ए फ्लायर की निदेशक डॉ. कविता ठाकुर ने किया छात्रों का मार्गदर्शन उज्जैन। वाणिज्य अध्ययनशाला, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन में विद्यार्थियों को भविष्य की नई संभावनाओं से अवगत कराने के लिए ' कैरियर अपॉर्चुनिटी इन एविएशन सेक्टर' विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में ए फ्लायर संस्थान, इंदौर की निदेशक डॉ. कविता ठाकुर मैडम ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने सारगर्भित विचार साझा किए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निदेशक डॉ. कविता ठाकुर मैडम ने कहा कि आज के दौर में एविएशन (विमानन) सेक्टर तेजी से उभर रहा है और इसमें युवाओं के लिए रोजगार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने वाणिज्य के छात्रों को एयरलाइन मैनेजमेंट, एयरपोर्ट ऑपरेशंस, एयर कार्गो, लॉजिस्टिक्स और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में मौजूद बेहतरीन कैरियर विकल्पों की विस्तार से जानकारी दी। इस इंडस्ट्री की विशिष्ट मांग के अनुरूप संचार कौशल, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट और मैनेजमेंट स्किल्स को अपग्रेड करने पर विशेष जोर दिया गया। छात्रों को एविएशन सेक्टर की गतिशीलता को समझने और इस क्षेत्र में अपना...

भक्तिकालीन साहित्य: विविध धाराओं का वैशिष्ट्य और युगीन प्रासंगिकता पर केंद्रित राष्ट्रीय संगोष्ठी हुई, कला मनीषी नर्मदाप्रसाद उपाध्याय, पूर्व कुलपति प्रो बालकृष्ण शर्मा एवं डॉ नन्दवाना का हुआ सारस्वत सम्मान

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असंख्य भारतीय कलाकारों ने अपनी कला को समृद्ध किया भक्ति आंदोलन के आधार पर – कला मनीषी श्री उपाध्याय वैदिक ऋषि दिखाते हैं सारी सृष्टि है आनंदमयी - सौन्दर्यमयी – पूर्व कुलपति प्रो राधावल्लभ त्रिपाठी अभिलाषा से शून्य व्यक्ति ही परम भक्त हो सकता है – पूर्व कुलपति प्रो बालकृष्ण शर्मा  Ujjain | सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन की हिंदी अध्ययनशाला द्वारा मंगलवार को भक्तिकालीन साहित्य: विविध धाराओं का वैशिष्ट्य और युगीन प्रासंगिकता विषय पर केंद्रित राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। एमपी कॉन, भोपाल के सहयोग से आयोजित संगोष्ठी के मुख्य अतिथि प्रख्यात कला मनीषी श्री नर्मदाप्रसाद उपाध्याय, इंदौर थे। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के पूर्व कुलपति प्रो राधावल्लभ त्रिपाठी थे। अध्यक्षता संस्कृतविद् पूर्व कुलपति प्रो बालकृष्ण शर्मा ने की। कार्यक्रम के सारस्वत अतिथि पद्मश्री डॉ भगवतीलाल राजपुरोहित, डॉ नवीन नन्दवाना, उदयपुर, पुरातत्वविद पद्मश्री डॉ नारायण व्यास, भोपाल, डॉ श्रीकृष्ण काकड़े, अकोला, महाराष्ट्र, कुलानुशासक प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा, मुद्राशास्त्री डॉ राम...